आज सूत्रधार में देखिए कैसे अधिकारियों की नाक के नीचे से 100 करोड़ की सरकारी जमीन रसूखदार के हाथ में चली गई और अधिकारी हाथ मलते रह गए। साथ ही देखिए कैसे खेती को लाभ का धंधा बनाने के सरकार के दावे खोखले साबित हुए, और क्यों कहा जा रहा है कि मप्र में व्यापमं पार्ट-2 की एंट्री हो चुकी है...?